एएनएम में कितने सब्जेक्ट होते हैं | ANM Me Kitne Subject Hote Hai

एएनएम में कितने सब्जेक्ट होते हैं | ANM Me Kitne Subject Hote Hai: आज के समय में अगर देखा जाए तो चिकित्सा के क्षेत्र में विद्यार्थियों की रुचि दिन-ब-दिन बढ़ते ही जा रहे हैं सातवें चिकित्सा के क्षेत्र में वैकेंसी भी काफी मात्रा में उपलब्ध होते जा रही है डॉक्टर मरीजों के इलाज में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

एएनएम में कितने सब्जेक्ट होते हैं | ANM Me Kitne Subject Hote Hai
एएनएम में कितने सब्जेक्ट होते हैं | ANM Me Kitne Subject Hote Hai

ऐसे में क्या आप भी मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो चलिए आज मैं आपको एएनएम कोर्स के बारे में बताने वाला हूं जोकि मेडिकल क्षेत्र में एक लोकप्रिय कोर्स में से एक माना जाता है। 

एएनएम कोर्स 2 साल की कोर्स होता है यह कोर्स लड़कियों के लिए होते हैं जबकि 2 सार की थ्योरी और 6 महीना के लिए किसी हॉस्पिटल में डॉक्टर के साथ विद्यार्थियों को वास्तविक अनुभव के लिए इंटर्नशिप करना होता है।

Table of Contents

एएनएम में कितने सब्जेक्ट होते हैं (ANM Me Kitne Subject Hote Hai)

एएनम कोर्स में कुल 16 सब्जेक्ट होते हैं जो कि नीचे निम्नलिखित प्रकार से उल्लेख किये गए है- 

  • एंटनल वार्ड
  • स्वास्थ सेवा प्रबंधन
  • मिडवाइफरी प्रैक्टिकल
  • नियोनेटल केयर यूनिट
  • मिडवाइफरी सिद्धांत
  • आंतरिक / लेबर रूम
  • पर्यावरण स्वच्छता
  • सामुदायिक स्वास्थ्य और नर्सिंग
  • प्रसवोत्तर देखभाल
  • बाल स्वास्थ्य और स्वास्थ्य नर्सिंग 2
  • स्वास्थ्य केंद्रीय प्रबंधन सिद्धांत
  • स्वास्थ्य केंद्रीय प्रबंधन व्यावहारिक
  • प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल नर्सिंग 1
  • स्वास्थ्य संवर्धन और पोषण
  • बाल स्वास्थ्य और नर्सिंग 1
  • रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य की बहाली

एएनएम कोर्स पाठ्यक्रम विवरण

क्र.सं.एएनएम सब्जेक्ट हिंदी मेंANM Subject In English
1.रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य की बहालीPrevention of diseases and restoration of health
2.प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल नर्सिंग 1Primary Health Care Nursing 1
3.स्वास्थ्य संवर्धन और पोषणHealth promotion and nutrition
4.बाल स्वास्थ्य और नर्सिंग 1Child Health and Nursing 1
5.नियोनेटल केयर यूनिटNeonatal Care Unit
6.आंतरिक / लेबर रूमInternal/Labor Room 
7.सामुदायिक स्वास्थ्य और नर्सिंगCommunity Health and Nursing
8.प्रसवोत्तर देखभालPostpartum care
9.पर्यावरण स्वच्छताEnvironmental cleanliness
10.बाल स्वास्थ्य और स्वास्थ्य नर्सिंग 2Child Health and Health Nursing 2
11.स्वास्थ्य केंद्रीय प्रबंधन व्यावहारिकHealth central management practical 
12.स्वास्थ्य केंद्रीय प्रबंधन सिद्धांतHealth central management principles
13.मिडवाइफरी प्रैक्टिकलMidwifery practical
14.मिडवाइफरी सिद्धांतMidwifery theory
15.स्वास्थ सेवा प्रबंधनHealth service management
16.एंटनल वार्डAntenal Ward

एएनएम प्रथम वर्ष में कौन-कौन से सब्जेक्ट होते हैं (ANM 1st Year Subject in Hindi)

Anm प्रथम वर्ष में कुल 9 सब्जेक्ट होते है जो के नीचे इस प्रकार से है-

  • रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य की बहाली
  • प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल नर्सिंग 1
  • स्वास्थ्य संवर्धन और पोषण
  • बाल स्वास्थ्य और नर्सिंग 1
  • आंतरिक / लेबर रूम
  • नियोनेटल केयर यूनिट
  • सामुदायिक स्वास्थ्य और नर्सिंग
  • पर्यावरण स्वच्छता
  • प्रसवोत्तर देखभाल

एएनएम द्वितीय वर्ष में कौन-कौन से सब्जेक्ट होते हैं (ANM 2nd Year Subject in Hindi)

एनम कोर्स के द्वितीय वर्ष में कुल 7 सब्जेक्ट होते हैं जो कि नीचे निम्नलिखित प्रकार से है- 

  • मिडवाइफरी सिद्धांत
  • स्वास्थ्य केंद्रीय प्रबंधन व्यावहारिक
  • बाल स्वास्थ्य और स्वास्थ्य नर्सिंग 2
  • स्वास्थ्य केंद्रीय प्रबंधन सिद्धांत
  • मिडवाइफरी प्रैक्टिकल
  • स्वास्थ सेवा प्रबंधन
  • एंटनल वार्ड

एएनएम में मुख्य कितने सब्जेक्ट होते हैं। anm me kitne subject hote hai

एएनएम में 7 मुख्य सब्जेक्ट होते हैं जो कि निचे निम्नलिखित प्रकार से है- 

  • बाल स्वास्थ्य
  • दाई का काम
  • स्वास्थ्य प्रचार
  • सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग
  • बाल स्वास्थ्य नर्सिंग
  • प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल नर्सिंग – I
  • सामुदायिक स्वास्थ्य और स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन

सामुदायिक स्वास्थ्य और स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन 

सामुदायिक स्वास्थ्य और स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन भारत सरकार का एक पेश किए गए पेशेवर पाठ्यक्रम है जिसके द्वारा स्वास्थ्य समुदायिक को सुनिश्चित करता है। 

समुदायिक में रोगियों का पहचान करके उपचार तथा निदान करने में मदद करता है ऐसे में पाठ्यक्रम सामुदायिक स्वास्थ्य को एक घटक भी कहा जाता है और स्वास्थ्य देखभाल सुविधा प्रबंधन,चिकित्सा बीमा कंपनी आदि संस्था तथा समुदायिक से जुड़ी हर एक व्यक्ति पर निर्भर करता है। 

सामुदायिक स्वास्थ्य और स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन सब्जेक्ट में नर्स की योगदान 

सामुदायिक स्वास्थ्य और स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन सब्जेक्ट में नर्स की योगदान काफी सारे होते हैं जिनमें से नीचे कुछ निम्नलिखित प्रकार से हैं:–

  • सामुदायिक स्तर पर रोगियों की पहचान करना।
  • सामुदायिक स्तर पर रोगियों की पहचान करके निदान करना।
  • स्वास्थ्य प्रशासक सिस्टम के संचालन का प्रबंधन में निगरानी रखना।
  • आदि……

प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल नर्सिंग (Primary Health Care Nursing)

प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल नर्सिंग जो व्यक्ति अपने जीवन की आवश्यकताओं कि देखभाल करता है तो वैसे व्यक्ति प्राथमिकता,आवश्यकता और परिवार इनके समुदाय पर निर्भर होता है। यह सब्जेक्ट अधिकतर व्यापक निर्धारकों को संबोधित करने में मदद करता है साथ ही सामाजिक,मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के ऊपर केंद्रित होता है। 

प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल नर्सिंग सब्जेक्ट में नर्स कि योगदान (Primary Health Care Nursing)

प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल नर्सिंग सब्जेक्ट में नर्स कि योगदान काफी सारे होते हैं जिनमे  कुछ नीचे किस प्रकार से है।

  • स्वास्थ्य निर्धारकों को संबोधित करना।
  • प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल कराना।
  • निवारण सेउपचार करना।
  • आदि…..

सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग (Community Health Nursing )

सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग समुदाय सदस्यों को सेवा देने वाली एक स्वस्थ पाठ्यक्रम है जहां अलग-अलग पोस्ट के नर्स अलग अलग कार्य भार को नियंत्रित करता है एक नर्स समुदाय सदस्यों की सोच के लिए पर्यवेक्षक के रूप में कार्य करता है साथ है, मार्गदर्शक के रुप में भी कार्य करते हैं और लोगों की स्वास्थ्य का देखभाल भी करते है। ऐसे कई सारे कार्य होते हैं जो कि समुदायिक स्वास्थ्य मिल कर निदान करते हैं।

सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग में नर्स कि योगदान 

सामुदायिक स्वास्थ्य नर्स की योगदान नीचे निम्नलिखित प्रकार से है-

  • अनुसंधानकर्ता के रूप में कार्य करना।
  • पर्यवेक्षक के रूप में कार्य करना।
  • एडवोकेट के रूप में कार्य करना।
  • निदेशक के रूप में कार्य करना।
  • मूल्यांकनकर्ता के रूप में कार्य करना।
  • सलाहकार के रूप में कार्य करना।
  • नियंत्रक के रूप में कार्य करना।
  • प्रबंधक के रूप में कार्य करना।
  • स्वास्थ्य शिक्षक के रूप में कार्य करना।
  • देखभाल प्रदान करने वाले के रूप में कार्य करना।
  • कोलाबोरेटर के रूप में कार्य करना।
  • नेता के रूप में कार्य करना।
  • आदि………

Note:- एक नर्स की कार्यभार उसकी दक्षता, अनुभव तथा पोस्ट के अनुसार है सौंपा जाता है।

बाल स्वास्थ्य नर्सिंग (Child Health Nursing)

बच्चों के मानसिक, सामाजिक और शारीरिक विकास के लिए जन्म से पहले और जन्म के बाद सेवा प्रदान करना राज्य की नीति होती है बच्चों के विकास को राष्ट्रीय विकास का अभिन्न अंग माना क्या है भारत सरकार के द्वारा बच्चों की राष्ट्र नीति लागु करने के बाद औरतें कई सारे कार्यक्रम में लागू किए हैं। जिससे कि सभी बच्चे संतुलित विकास अनुकूल आनंद उठा सकें।

बाल स्वास्थ्य नर्सिंग के लिए नर्स कि योगदान (Child Health Nursing Nurse Yogdan) 

बाल स्वास्थ्य नर्सिंग के लिए नर्स कि योगदान काफी सारे होते हैं जिनमें  कुछ इस प्रकार से है- 

  • सभी बच्चों के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य कार्यक्रम।
  • बच्चों के लिए पोषण सेवाओं का प्रावधान।
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए स्वास्थ्य देखभाल।
  • पोषण और पोषण शिक्षा का प्रावधान।
  • आदि……

दाई का काम (midwifery)

मिडवाइफरी व्यक्तिगत रुप में क्लिनिक,हॉस्पिटल और घर आदि स्थानों में गर्भवती महिलाओं के नवजात शिशु की देखभाल करने का कार्य करते हुए अक्सर देखा जाता है भाई को धीमा भी कहा जाता है दाई गर्भवती महिलाओं और शिशु को सुरक्षित रखने का कार्य करती है

दाई का काम

  • जिन महिलाओं को डॉक्टर की मदद चाहिए, उनको डॉक्टर के पास सलाह लेने के लिए भेजना।
  • प्रसव के दौरान महिलाओं की मदद करना।
  • गर्भवती महिलाओं की देखभाल करना।
  • मनोवैज्ञानिक रूप से देखभाल करना।
  • गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले देखभाल संबंधी परामर्श देना।
  • प्रसव के बाद माताओं की शारीरिक,

एएनएम का कर्य क्या होता है। (ANM Work in hindi)

एएनएम डिग्री धारक उम्मीदवार के कार्यवाह निम्नलिखित प्रकार से होते हैं जैसे- 

  • इलाज में इस्तेमाल होने वाले मशीनों एवं उपकरणों की रखरखाव पे ध्यान रखना।
  • एएनएम मरीजों के रिकॉर्ड को भी मेनटेन करना।
  • डॉक्टर की अनुपस्थिति में मरीजो को प्रथम एआइडी यानी प्राथमिक चिकित्सा सुनिश्चित करना।
  • मरीजों की देखभाल करना मरीजों को समय समय पर दवाइया देना उनके सेहत की जाँच करना।
  • इलाज के दौरान और ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की मदद करना।  
  • किसी मरीज को एडमिट करने और डिस्चार्ज करने में भी मदद करना। 

एक मरीज को स्वस्थ करने में डॉक्टर से कहीं अधिक नर्स कि योगदान होता है एक डॉक्टर एक रोगी के साथ केवल 20 से 30 मिनट तक ही समय दे पाते हैं जबकि एक नर्स एक रोगी को ठीक होने तक उसके पीछे मदद में लगे रहते हैं।

एएनएम की सैलरी (ANM Ki Salary)

एएनएम की सैलरी शुरुआती में महीने की लगभग 10,000 से लेकर के लगभग 15,000 तक की हो सकती है तथा गवर्नमेंट हॉस्पिटल में एएनएम के शुरुआती सैलरी महीने की लगभग 25,000 से लेकर के 30,000 तक की हो सकती है।

अलग-अलग प्राइवेट हॉस्पिटल या गवर्नमेंट हॉस्पिटल में एएनएम की सैलेरी अलग-अलग निर्धारित होती है। साथ ही क्षेत्र के आधार पर एएनएम डीजे धारक उम्मीदवार की सैलरी तय की जाती है तथा जैसे-जैसे एक्सपीरियंस बढ़ते जाते हैं वैसे वैसे एएनएम की सैलरी में भी वृद्धि होती है।

ANM कोर्स की फीस कितनी होती है (ANM Course Fees In Hindi)

एएनएम कोर्स की गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज फीस लगभग 20, 000 से लेकर के लगभग 40,000 तक की हो सकती है वहीं जबकि प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एएनएम कोर्स की फीस लगभग 60,000 से लेकर के लगभग 70,000 तक कि हो सकती है। 

एनम कोर्स की फेस अलग-अलग सरकारी मेडिकल कॉलेज या प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में अलग-अलग निर्धारित होती है जैसे कि पाठ्यक्रम विवरण में दर्शाया गया है। 

एएनएम कोर्स फीस पाठ्यक्रम विवरण

S.N.ANM College ANM Course Fees 
1.IIMT,MeerutINR 20,000
2.Bihar Institute of Nursing and ParamedicalINR 25,000
3.Teerthanker Mahaveer UniversityINR 48,000
4.IU – Integral UniversityINR 50,000
5.Shri Guru Ram Rai University, DehradunINR 50,000
6.Hind Institute of Medical SciencesINR 36,000
7.Sai Nath UniversityINR 55,000
8.Magadh ANM Training SchoolINR 60,000
9.Indira Gandhi School and College of NursingINR 67,000
10.Assam Down Town University में ANM courseINR 90,000
11.Usha Martin University में ANMINR 91,000
12.YBN University, RanchiINR 15 Lakhs

एएएनएम करने के फायदे (Benefits of ANM Course in hindi)

एनम कोर्स करने के काफी सारे फायदे होते हैं जिनमें से कुछ फायदे निम्नलिखित प्रकार से है-

  • एनम कोर्स के माध्यम से उम्मीदवार को समाज सेवा करने का अवसर प्रदान करता है।
  • कई सारे सरकारी जॉब जैसे- टीकाकरण, पोलियो की खुराक आदि के लिए वैकेंसी निकाली जाती है जिसमें आप भागीदारी बन सकते हैं।
  • एक डॉक्टर के नीचे नर्स के रूप में कार्य करके आप एक अच्छे वेतन भोगी भी बन सकते हैं।
  • एएनएम में आप कम समय में और कम खर्च में ट्रेनिंग करके सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल में जॉब हासिल कर सकते हैं।
  •  और भी कई सारे फायदे होते है।

FAQ’S- एएनएम में कितने सब्जेक्ट होते हैं | ANM Me Kitne Subject Hote Hai

Q 1). एएनएम कोर्स में कितने सब्जेक्ट होते हैं?

Ans– एएनएम कोर्स में कुल 16 सब्जेक्ट होते हैं जबकि मुख्य सामुदायिक स्वास्थ्य और स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल नर्सिंग – I,सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग,बाल स्वास्थ्य नर्सिंग,दाई का काम,बाल स्वास्थ्य, स्वास्थ्य प्रचार 7 सब्जेक्ट होते हैं।

Q 2). ANM कोर्स की फीस कितनी होती है?

Ans– एएनएम कोर्स की फीस लगभग 20,000 से लेकर के लगभग 40,000 तक कि हो सकती है जबकि Indira Gandhi School and College of Nursing में ANM कोर्स की की फीस INR 67000, Bihar Institute of Nursing and Paramedical में ANM course की फीस INR 25,000 तथा Magadh ANM Training School में ANM course की फीस INR 60,000 होता है।

Q 3). ANM कोर्स कि सलैरी कितनी होती है?

Ans– एएनएम की सैलरी शुरुआती में महीने की लगभग 10,000 से लेकर के लगभग 15,000 तक की हो सकती है तथा गवर्नमेंट हॉस्पिटल में एएनएम के शुरुआती सैलरी महीने की लगभग 25,000 से लेकर के 30,000 तक की हो सकती है।

एएनएम में कितने सब्जेक्ट होते हैं | ANM Me Kitne Subject Hote Hai

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