आईएएस बनने के नुकसान | IAS Banne Ke Nuksan 

आईएएस बनने के नुकसान | IAS Banne Ke Nuksan : आईएएस अधिकारी की नौकरी भारतीय में सबसे सर्वश्रेष्ठ नौकरी में से एक माना जाता है प्रत्येक साल लाखों करोड़ों विद्यार्थियों का आईएएस बनने का सपना होता है। 

और वह कड़ी मेहनत करके अंत में वह हासिल भी कर लेते हैं क्या आप भी आईएएस ऑफिसर बनकरके, एक अच्छी सैलरी, अच्छे लाइफस्टाइल बनाने की सोच रहे हैं। ऐसे में क्या आपको पता है आईएएस बनने के कौन-कौन से फायदे और कौन-कौन से नुकसान होते हैं?

तो चलिए आज मैं आपको इस आर्टिकल के माध्यम से आईएएस बनने के कौन-कौन से नुकसान होते हैं उसके बारे में विस्तारपूर्वक से बात करेंगे।

आईएएस बनने के नुकसान | IAS Banne Ke Nuksan 

आईएएस में कौन-कौन से नुकसान होते हैं पूर्ण रूप से जानकारी पाने के लिए इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े ताकि आपको आईएएस की नुकसान के बारे में जानकारी हो सके।

आईएएस बनने के नुकसान (IAS Banne Ke Nuksan)

आईएएस बनने की काफी सारे नुकसान होते हैं जिनमें से कुछ नुकसान नीचे इस प्रकार से दर्शाया गया है:–

  • स्थानान्तरण (Transfers)
  • नेताओं का दबाव(Leaders or Work Pressure)
  • राजनीतिक हस्तक्षेप और धमकियाँ (Political Interference and Threats)
  • कठिन कार्य / कड़ी मेहनत (Hard Work)
  • कोई गोपनीयता नहीं (No Privacy)
  • कम वेतन (Low pay)
  • भ्रष्टाचार व सिफारिश (Corruption and Recommendation)
  • बहुत बड़ी जिम्मेदारियां (Huge Responsibilities)

आईएएस ऑफिसर की पद को भारत में सबसे ऊंची पोस्ट भी माना जाता है जिसमें काफी सारे नुकसान देखने को मिलता है जैसे कि राजनीतिक पार्टियों की धमकियां, नेताओं का दबाव, एक स्थान से दूसरे स्थान में ट्रांसफर करना जिससे पदाधिकारी अपने काम को सही ढंग से नहीं कर पाते हैं आदि जिसके कारण आईएस पदाधिकारी अपने नौकरी से त्यागपत्र देख कर के छोड़ जाते हैं। वास्तव में आईएस पदाधिकारी के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए।

1. स्थानान्तरण (Transfers)

आईएएस अधिकारी का स्थानांतरण केवल केंद्र सरकार के आदेश के अनुसार होता है जो कि एक आईएएस अधिकारी के ऊपर काफी असर करता है अधिकारियों का स्थानांतरण कुछ वर्ष के बाद क्या जाता है स्थानांतरण आईएएस अधिकारियों के लिए एक बड़े नुकसान होता है। 

आईएएस अधिकारियों का स्थानतरन निरंतर बार-बार करने पर उनके परिवारिक को भी स्थानांतरण करना होता है साथ ही अधिकारियों के कामों में भी काफी असर पड़ता है ऊपर जैसे कि हमने बताया कि एक आईएएस अधिकारी के स्थानांतरण में केंद्र सरकार का हाथ होता है इसके अलावा कई बार तबादला भी अधिकारी कि उम्मीद होती है।

2. नेताओं का दबाव (Leaders or Work Pressure)

आईएएस अधिकारी कार्य जिम्मेवारी एक  राज्य सरकार के द्वारा निर्धारित की जाति है हालांकि आईएएस अधिकारी की नौकरी को भारत में सबसे ज्यादा लोकप्रिय तथा सर्वश्रेष्ठ नौकरी में से एक माना जाता है साथ ही इनके जितने बड़े कार्य होते हैं उतने ही खतरनाक तथा उतनी ही रिक्सी होते हैं अर्थात एक आईएएस अधिकारी को कोई स्वतंत्र नहीं होता हैं। 

3. राजनीतिक हस्तक्षेप और धमकियाँ (Political Interference and Threats)

आईएएस ऑफिसर की नौकरी पाना जितना कठिन होता है ठीक उसी प्रकार से आईएएस ऑफिसर की कार्य करना उतना ही कठिन होता है अगर आईएस ऑफिसर की ओर नजरअंदाज किया जाए तो लगभग जितने भी आईएएस ऑफिसर ने इस्तीफा दिए हैं उन सभी ऑफिसरों का मुख्य कारण धमकियां और राजनीतिक हस्तक्षेप हैं।

आईएएस ऑफिसर के पर नेताओं का काफी दबाव होता है जिसके कारण ऑफिसर स्वतंत्र पूर्वक अपने कार्य को अंजाम नहीं दे पाते। आईएएस ऑफिसर की उच्च पदों कि पदाधिकारियों को अधिक कार्य तथा कठिन कार्य सौंपा जाता है।

4. कठिन कार्य (Hard Work)

आईएएस ऑफिसर बनने के लिए कड़ी मेहनत करना होता है जिलाधिकारी का सबसे पावरफुल अधिकारी एक आईएएस ऑफिसर को माना जाता है तथा आईएएस ऑफिसर के ऊपर एक जिले की सभी विभाग कि जिम्मेवारी होती है पुलिस विभाग की तरह अन्य विभागों का भी मुखिया माना जाता है।

जिला आईएएस पदाधिकारी की व्यवस्था की जिम्मेदारी भी एक आईएएस ऑफिसर को दिया जाता है तथा एक डीएम के पास जिले के लॉ एंड ऑर्डर, धारा 144 आदि निर्णय लेने की जिम्मेवारी होती है और फायरिंग आर्डर देने की निर्णय भी एक डीएम के पास ही होता है।

5. कोई गोपनीयता नहीं (No Privacy)

आईएएस अधिकारी अपना सबसे ज्यादा समय समाज के समस्याओं का समाधान करने में लगा देता है तथा समाज को शांति बनाए रखने में ज्यादा समय देते हैं आईएएस अधिकारी के ऊपर काम के प्रति अधिक दबाव होता है जिससे आईएएस अधिकारियों को बार-बार तबादला किए जाते हैं ऐसे में एक आईएएस ऑफिसर के पास अपने खुद का समय बहुत ही कम होता है।

समाज की समस्याओं का समाधान यदि आयत अधिकारी सही ढंग से नहीं कर पाते हैं तो अधिकारी के पास गोपनीय समस्या भी आ सकती है तथा मानसिक समस्या कि तनाव भी हो सकती है।

7. कम वेतन (Low pay)

भारतीय आईएएस अधिकारी की सैलरी शुरुआती में महीने की लगभग 56,000 तथा अधिकतम सैलरी लगभग 2,50,000 तक कि हो सकती है ऐसे में काम के अनुसार यह सैलरी आईएएस अधिकारी को काफी कम लगता है। 

आईएएस अधिकारी इस इस पोस्ट को हासिल करने के लिए काफी कठिन परीक्षा जैसे यूपीएससी एग्जाम में मान्यता प्राप्त करता है तथा इसके के अंतर्गत आईएएस (IAS), आईएफएस (IFS), आईपीएस (IPS) आदि पैदा होते हैं यूपीएससी एग्जाम को भारतीय में सबसे कठिन एग्जाम में से एक माना जाता है।

अगर देखा जाए तो बड़े-बड़े कॉर्पोरेट कंपनियों में आईएएस अधिकारी की तुलना में एक अच्छी सैलरी मिलती है आईएएस अधिकारी की जॉब को भारतीय में सर्वश्रेष्ठ जॉब में से एक माना जाता है लेकिन कुछ खास सैलरी नहीं होने के कारण इसे नुकसान के तौर पर समझ भी समझा जा सकता हैं।

8. भ्रष्टाचार व सिफारिश (Corruption and Recommendation)

आईएएस अधिकारी को कभी-कभी भ्रष्टाचार के साथ भी मुकाबला करना होता है और कभी-कभी ऐसे परिस्थिति आ जाती है कि आईएएस अधिकारी को लोगों कि सिफारिश का शिकार होना होता है जबकी आईएएस अधिकारी के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए।

9. बहुत बड़ी जिम्मेदारियां (Huge Responsibilities)

उम्मीदवार जब आईएएस ऑफिसर की सारी प्रक्रियाएं पूरी कर लेते हैं तो आगे जाकर के वह एक आईएएस ऑफिसर के पद में नियुक्त हो जाता है तथा नियुक्त होने के पश्चात केंद्र सरकार के द्वारा आईएएस ऑफिसर की कार्यभार का जिम्मेदारी दिए जाते हैं।

अलग-अलग पोस्ट में नियुक्त अलग-अलग पदाधिकारी को अलग-अलग कार्यभार सौंपा जाता है एक आईएएस ऑफिसर की कार्य को एक बड़ी चुनौती भी माना जाता है और इनके ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती हैं जोकि आईएस ऑफिसर के लिए एक नुकसानदायक माना जा सकता है।

आईएएस अधिकारी के प्रकार 

भारतीय आईएएस अधिकारी की जॉब प्रोफाइल निम्नलिखित प्रकार से दर्शाया गया है:-

  • डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट
  • डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर
  • सब डिविजनल अफसर
  • कैबिनेट सेक्रेटरी
  • डिविजनल कमिश्नर
  • चीफ सेक्रेटरी

डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) 

डीएम को जिला के मुख्य अधिकारी या जिला के मुखिया दिखा जाता है जिला प्रशासन को सुचारू रूप से चलाने का उत्तरदायित्व होता है साथ ही कानून व्यवस्था को बनाए रखने में देखभाल करना। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट का उत्तरदायित्व नीचे इस प्रकार से दर्शाया गया है:- 

  • बकाया आयकर, उत्पाद शुल्क, सिंचाई बकाया को वसूलना
  • भूमि राजस्व का संग्रहण, भूमि रिकार्डों का रख-रखाव, भूमि सुधार व जोतों का एकीकरण
  • बाढ़, सूखा और महामारी जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय आपदा प्रबंधन
  • जिला बैंकर समन्वय समिति का अध्यक्षता
  • कृषि ऋण का वितरण
  • बाहरी आक्रमण और दंगों के समय संकट प्रबंधन
  • भूमि अधिग्रहण
  • भूमि मूल्यांकन
  • जिला योजना केंद्र की अध्यक्षता

डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर (DC)

डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के ऊपर राज्य से जुड़े काफी सारे कार्य के जिम्मेदारियां होती है इनकम टैक्‍स बकाया व एरियर शामिल है डिस्टिक कलेक्टर के कार्यभार को निम्नलिखित प्रकार से दर्शाया गया है:- 

  • कृषि ऋण का वितरण
  • एक्साइज ड्यूटी कलेक्‍शन 
  • जिला योजना केंद्र की अध्यक्षता
  • लैंड रिकॉर्ड से जुड़ी व्‍यवस्‍था,
  • भूमि अधिग्रहण का मध्यस्थ और भू-राजस्व का संग्रह।
  • डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट डिस्ट्रिक्ट के एडमिनिस्ट्रेशन को सही ढंग से चलाने के लिए जिम्मेदार हैं। 
  • जिले के भीतर काम करने वाली आधिकारिक एजेंसियों से आवश्यक कोआर्डिनेशन बनाने के लिए चीफ एजेंट है।
  • कलेक्टर के रूप में, वह डिस्ट्रिक्ट से रिवेन्यू कलेक्शन के लिए ज़िम्मेदार है।

सब डिविजनल अफसर

सब डिविजनल अधिकारी को कार्य विभिन्न विभागों में कार्यों के साथ ऑर्डिनेशन करना होता है तथा अलग-अलग विभागों में अलग-अलग सब डिवीजनल अधिकारी नियुक्त होते हैं जिनके कार्य विकास की ओर ले जाते हैं।

कैबिनेट सेक्रेटरी

कैबिनेट सेक्रेटरी के ऊपर मिनिस्ट्री तथा डिपार्टमेंट की गतिविधियों को निगरानी करना तथा ऑर्डिनेशन में शामिल होने का जिम्मेवारी होता है कैबिनेट सेक्रेटरी राजनीतिक व्यवस्था और देश के नागरिकों कि सेवाओं में एक कड़ी की तरह काम करता है। केंद्र सरकार के आदेशानुसार एक कैबिनेट सेक्रेटरी को कोआर्डिनेटर के रूप में भी कार्य करना होता है 

डिविजनल कमिश्नर 

डिवीजनल कमिश्नर को उनके डिवीजनल में रिवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन का हेड भी माना जाता है जोकि डीसी के आदेशों के विरोध में निवेदन सुनने का भी कार्य करते हैं साथ में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और सुपरविजन भी एक डिविजनल कमिश्नर के हाथों में होता है।

एडमिनिस्ट्रेशन और डेवलपमेंट एडमिनिस्ट्रेशन भी एक  डिवीजनल कमिश्नर के ऊपर दायित्व होता है साथ में रिवेन्यू और लॉ एंड आर्डर का भी दायित्व होता है।

चीफ सेक्रेटरी

इंटर डिपार्टमेंट कोऑर्डिनेशन को सुनिश्चित करने के लिए चीफ सेक्रेटरी की जरूरत होती है जिन्हें इंटर डिपार्टमेंटल डिस्प्यूटेंट कॉल करने के लिए भी उत्तरदायित्व दिया जाता है साथ ही इन्हें कोऑर्डिनेशन कमिटी के अध्यक्ष भी कहा जाता है।

IAS कितने साल का कोर्स है

भारतीय आईएएस अधिकारी बनने के लिए कोर्स कि अवधि 2 से 3 साल तक की होती है आईएएस (IAS) कोई कोर्स नहीं होता है बल्कि पुलिस विभाग की एक बड़ी पोस्ट होता है जिसमें आवेदन करने के बाद उम्मीदवारों की एग्जाम 3 चरणों में लि जाती है।

आईएएस अधिकारी बनने के लिए उम्मीदवार के पास ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए तो ही वह इस पोस्ट के लिए मान्यता होंगे साथ ही उम्मीदवार की यूपीएससी (UPSC) की एग्जाम की तैयारी एनसीआरटी (NCERT) किताबों से शुरू करना अति आवश्यक होता है।

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आईएएस अधिकारी के लिए स्किल

भारतीय आईएएस अधिकारी के लिए आवश्यक स्किल निम्नलिखित दर्शाया गया है:-

  • विश्लेषणात्मक क्षमता
  • कल्पना के परे सोचो
  • नेतृत्व की गुणवत्ता
  • संचार कौशल
  • देशभक्त व्यक्ति
  • समय प्रबंधन
  • अनोखी सोच
  • निर्णय लेना
  • जिज्ञासा
  • धैर्य

आईएएस अधिकारी का कैरियर

आईएएस अधिकारी से प्रमोशन होने के बाद अधिकारी का पथ आईएएस अधिकारी से अलग हो जाता है आईएएस अधिकारी बनने के पश्चात उम्मीदवार के पास कई कैरियर के रास्ते होते हैं जिनमें से नीचे कुछ इस प्रकार से दर्शाया गया है:–

  • एलबीएसएनएए में प्रथम चरण का प्रशिक्षण।
  • एलबीएसएनएए में द्वितीय चरण का प्रशिक्षण जिसमें विदेशों में भारत के राजनयिक मिशनों में से एक के साथ एक सप्ताह का विदेशी लगाव शामिल है।
  • आवंटित संवर्ग में जिला स्तर पर प्रशिक्षण।
  • राज्य में नौकरशाही, राज्यों के मुख्य सचिव सबसे ऊपर जा सकते हैं।
  • कुछ वर्षों की सेवा के बाद सेवा के किसी भी चरण के दौरान केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति का विकल्प चुना जा सकता है।
  • तीन माह के लिए सहायक सचिव के नाममात्र पद पर केंद्र सरकार की कुर्की।
  • नगर आयुक्त, डीडीओ/सीडीओ के पद पर पदस्थापना।
  • डीएम/कलेक्टर के रूप में पोस्टिंग।
  • आईएएस अधिकारी सर्वोच्च पद की आकांक्षा कर सकता है, वह है भारत के कैबिनेट सचिव का पद।
  • एसडीएम/संयुक्त मजिस्ट्रेट/उप कलेक्टर के पद पर पदस्थापना।
  • निदेशक/संयुक्त सचिव स्तर पर राज्य सचिवालयों में पदस्थापन।

आईएएस अधिकारी का दबाव

आईएएस अधिकारी बनने के पश्चात अधिकारी के ऊपर नेताओं के दवा काफी सारे होते हैं जिनमें से नीचे कुछ दबाव निम्नलिखित प्रकार से दर्शाया गया है–

  • राहत गतिविधियों का समन्वय करना।
  • दुर्घटनाओं और दंगों जैसी आपात स्थितियों का जवाब देना।
  • नीतियों को तैयार करके लागू करना।
  • विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित केन्द्र सरकार की  various funds का प्रबंधन एवं संवितरण।
  • समीक्षा करने सहित सरकार के मामलों को संभालना।
  • अपने अधिकार क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं का संरक्षण करना।
  • सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों के कार्यान्वयन का पर्यवेक्षण करना।
  • उपरोक्त कार्यों के लिए विभिन्न विभागों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ परामर्श करना।

भारतीय फिल्ड असाइनमेंट अधिकारी को सबसे चुनौती वाला पद माना जाता है तथा इस पद के अधिकारी को आवश्यक होने पर एक आईएएस अधिकारी को भी बुलाया जा सकता है।

भारतिय सबसे लोकप्रिय आईएएस अधिकारी

भारत के सबसे लोकप्रिय आईएएस अधिकारी के नाम नीचे निम्नलिखित प्रकार से दर्शाया गया है:- 

  • दुर्गा शक्ति नागपाल
  • अरुणा सुंदरराजन
  • स्मिता सभरवाल
  • हरि चंदन दसारी
  • अशोक खेमका
  • आर्मस्ट्रांग पेम
  • डी सुब्बाराव
  • शाह फैसल
  • विनोद राय
  • सगायम

 आईएएस बनने के लिए कौन-कौन से कोर्स होते हैं

भारतीय आईएएस बनने के लिए कर्सेज नीचे इस प्रकार से दर्शाया गया है:- 

  • BA
  • MBA
  • BBA
  • B Com
  • BSc
  • BJMC
  • B Tech
  • MA

FAQ’S

Q:- आईएएस बनने से कौन-कौन से नुकसान होते हैं?

Ans:- आईएएस अधिकारी बनने से निम्नलिखित नुकसान होते हैं जैसे कि स्थानान्तरण (Transfers), नेताओं का दबाव (Leaders or Work Pressure), राजनीतिक हस्तक्षेप और धमकियाँ (Political Interference and Threats), कठिन कार्य / कड़ी मेहनत (Hard Work), कोई गोपनीयता नहीं (No Privacy), कम वेतन (Low pay) आदि।

Q:- भारतीय आईएएस ऑफिसर के ऊपर कौन-कौन से दबाव होते हैं?

Ans:- भारती आईएएस ऑफिसर को राहत गतिविधियों का समन्वय करने का दबाव, दुर्घटनाओं और दंगों जैसी आपात स्थितियों का जवाब देना, नीतियों को तैयार करके लागू करने का दबाव। आदि जैसे काफी सारे दबाव होते हैं। 

Q:- भारतीय आईएएस अधिकारी के लिए कौन-कौन से स्किल होते हैं?

Ans:- आईएएस अधिकारी के लिए स्किल्स इस प्रकार से दर्शाया गया है विश्लेषणात्मक क्षमता, कल्पना के परे सोचो,नेतृत्व की गुणवत्ता, संचार कौशल, देशभक्त व्यक्ति, समय प्रबंधन, अनोखी सोच

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